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₹6 लाख करोड़ के कर्ज में मध्यप्रदेश! पटवारी ने शाह से मांगा हिसाब

सितंबर में ₹7,600 करोड़ की नई उधारी, ₹450 करोड़ से अधिक के VVIP विमान-हेलीकॉप्टर पर सवाल; कांग्रेस ने मांगा कर्ज, खर्च और नतीजों पर श्वेत-पत्र

भोपाल, 3 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस ने मोहन सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे के बीच राज्य के बढ़ते कर्ज, लगातार हो रही बाजार उधारी और VVIP सुविधाओं पर खर्च को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। पटवारी ने दावा किया कि मध्यप्रदेश पर कुल देनदारियां लगभग ₹6 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच चुकी हैं और इसका बोझ प्रति नागरिक करीब ₹80 हजार बैठता है।

पटवारी ने कहा कि एक ओर सरकार आर्थिक दबाव और बढ़ती देनदारियों के बीच लगातार कर्ज उठा रही है, वहीं दूसरी ओर महंगे जेट विमान और हेलीकॉप्टर जैसी सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश की प्राथमिकता किसानों, युवाओं, अस्पतालों और स्कूलों की जरूरतें हैं या VVIP सुविधाएं?

सितंबर में ही ₹7,600 करोड़ का नया कर्ज

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक सरकार ने सितंबर 2026 में तीन चरणों में बाजार से ₹7,600 करोड़ की नई उधारी ली—1 सितंबर को ₹3,600 करोड़, 16 सितंबर को ₹2,500 करोड़ और हाल ही में ₹1,500 करोड़। पटवारी ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार ने ₹1,06,190 करोड़ की उधारी का अनुमान रखा है, जबकि राजकोषीय घाटा ₹71,458 करोड़, यानी GSDP का लगभग 3.9 प्रतिशत अनुमानित है।

पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश की बकाया देनदारियां करीब ₹5.44 लाख करोड़ से बढ़कर ₹6.01 लाख करोड़ के अनुमानित स्तर तक पहुंच गई हैं और यह GSDP के लगभग 32.5 प्रतिशत के बराबर है। उन्होंने इसी आधार पर प्रति नागरिक करीब ₹80 हजार की देनदारी का सवाल उठाया है।

कर्ज के बीच ₹450 करोड़ से ज्यादा की VVIP खरीद पर सवाल

पटवारी ने सरकार की खर्च प्राथमिकताओं पर भी निशाना साधा। उनके अनुसार सरकार ₹233 करोड़ से अधिक कीमत के Challenger 3500 जेट विमान और करीब ₹225 करोड़ के ACH160 हेलीकॉप्टर की खरीद आगे बढ़ा रही है।

कांग्रेस का सवाल है कि जब प्रदेश पर कर्ज का दबाव लगातार बढ़ रहा है, तब इतनी महंगी VVIP सुविधाओं पर खर्च को किस वित्तीय प्राथमिकता के तहत उचित ठहराया जा रहा है। पटवारी ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि लगातार ली जा रही उधारी का कितना हिस्सा वास्तविक पूंजीगत विकास में लगाया गया और कितना नियमित खर्चों अथवा VVIP सुविधाओं पर खर्च हुआ।

CAG के आंकड़ों ने भी उठाए वित्तीय अनुशासन पर सवाल

पटवारी ने CAG की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मार्च 2024 तक मध्यप्रदेश में ₹22,049 करोड़ से संबंधित 19,897 उपयोगिता प्रमाण-पत्र लंबित थे। इनमें ₹13,607 करोड़ की राशि से जुड़े उपयोगिता प्रमाण-पत्र नौ वर्ष से अधिक समय से लंबित बताए गए हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि CAG के अनुसार 2019-20 में मध्यप्रदेश का लोक ऋण और देनदारियां ₹2,30,572 करोड़ थीं, जो 2023-24 तक बढ़कर ₹3,97,709 करोड़ हो गईं।

शाह से चार सवाल, सरकार से श्वेत-पत्र की मांग

पटवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मध्यप्रदेश सरकार से चार मुद्दों पर जवाब मांगने की मांग की है। इनमें प्रदेश पर बढ़ते कर्ज का औचित्य, बाजार से ली जा रही उधारी के इस्तेमाल, लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्रों के ऑडिट और छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड, बालाघाट के कुपोषण संकट तथा मंत्रियों-नौकरशाही के बीच टकराव की राजनीतिक जवाबदेही शामिल है। उन्होंने सरकार से प्रदेश के कुल कर्ज, ब्याज भुगतान, उधारी के उपयोग, व्यय प्राथमिकताओं और VVIP सुविधाओं पर हुए खर्च का विस्तृत श्वेत-पत्र जारी करने की मांग की है।

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार को घोषणाओं और आंकड़ों की बाजीगरी से आगे बढ़कर जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि बढ़ते कर्ज के बदले प्रदेश को वास्तविक विकास के रूप में क्या मिला और सार्वजनिक धन की प्राथमिकताएं किस आधार पर तय की जा रही हैं।