ग्वालियर 8 जून 2026। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास मध्य भारत प्रांत विभाग ग्वालियर और शासकीय कमला राजा कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (केआरजी कॉलेज) के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षा से आत्मनिर्भरता, कौशल उन्नयन, उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को तीन दिवसीय एलईडी विक्रय केंद्र मेले का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. साधना श्रीवास्तव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रांत संयोजक धीरेंद्र सिंह भदौरिया, विभाग संयोजक राजकुमार बाजपेयी तथा मध्य क्षेत्र विशेष संयोजक डॉ. राजेंद्र वैद्य ने किया। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा स्वयं निर्मित विभिन्न प्रकार के एलईडी बल्ब एवं अन्य विद्युत उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया।
विभाग संयोजक राजकुमार बाजपेयी ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षण संस्थानों से नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले युवा निकलने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होंगे। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. साधना श्रीवास्तव ने कहा कि छात्राओं को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए महाविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। वहीं डॉ. राजेंद्र वैद्य ने छात्राओं को कौशल विकास एवं उद्यमिता के माध्यम से स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रांत संयोजक धीरेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि शिक्षा से आत्मनिर्भरता अभियान के अंतर्गत एलईडी निर्माण के साथ अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण भी संचालित किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थी पढ़ाई के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय में 2 से 10 फरवरी 2026 तक एलईडी, अगरबत्ती एवं धूपबत्ती निर्माण का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था, जिसमें 50 छात्राओं ने भाग लिया था। प्रशिक्षण के बाद कई छात्राओं ने अपना स्टार्टअप शुरू कर दिया है। कनक यादव, कशिश यादव, सोनम चौहान, पल्लवी अग्रवाल, अंजली राजपूत, कविता शर्मा सहित अन्य छात्राएं अपने उत्पादों का स्वयं विपणन कर रही हैं।
स्टार्टअप संचालन एवं प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर बृजेश शुक्ला, इनक्यूबेशन सेंटर प्रभारी डॉ. सामंत सिंह सेंगर, करियर सेल प्रभारी डॉ. आभा मिश्रा, अंशुमन सोनी एवं अभिषेक मुद्गल का विशेष योगदान रहा। विक्रय केंद्र के प्रथम दिन छात्राओं द्वारा लगभग 110 एलईडी बल्बों का विक्रय किया गया। प्राचार्य डॉ. साधना श्रीवास्तव ने बताया कि विक्रय से प्राप्त लाभांश छात्राओं को प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें उद्यमिता के लिए और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यक्रम में डॉ. समीर भार्गव, डॉ. राजेंद्र दुबे, एस.के. सिंह, डॉ. राघवेंद्र त्रिपाठी, डॉ. वीना शुक्ला, राजा कुशवाहा, गौरव जाटव, अंशुल जाटव, वंश निगम, सूरज प्रजापति सहित महाविद्यालय का प्राध्यापक एवं कर्मचारी वर्ग उपस्थित रहा।
