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ग्वालियर में तीन बड़ी पुलिस कार्रवाई: नवविवाहिता की मौत से लेकर फर्जी VP और बाइक चोर गैंग तक

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दहेज प्रताड़ना के आरोप, फर्जी दस्तावेज से 2.80 लाख की नौकरी और छह चोरी की बाइक बरामद

ग्वालियर। शहर में पुलिस से जुड़ी तीन अलग-अलग घटनाओं में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, फर्जी दस्तावेजों के जरिए ऊंचे पद पर नौकरी हासिल करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी और राज्यस्तरीय बाइक चोर गिरोह के खुलासे का मामला सामने आया है।

दहेज प्रताड़ना के आरोप, नवविवाहिता ने दी जान

जनकगंज थाना क्षेत्र के चावड़ी बाजार निवासी लीला राम कुशवाह के साथ अप्रैल में शादी करने वाली नवविवाहिता रजनी कुशवाह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतिका के भाई का आरोप है कि शादी के बाद से ही रजनी को दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। कुछ दिन पहले ही वह मायके से ग्वालियर आई थीं।

म्रतिकापरिजनों का आरोप है कि प्रताड़ना से आहत होकर रजनी ने यह आत्मघाती कदम उठाया। परिवार ने पुलिस पर मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है।

सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी दस्तावेज से VP बना, 2.80 लाख की सैलरी का दावा

दूसरे मामले में ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऑटोमोबाइल कंपनी में ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट और बाद में ग्रुप सीईओ का प्रभार हासिल करने वाले देवेन्द्र कुमार दुबे को कानपुर से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक देवेन्द्र को अगस्त 2025 में श्रीतुलजा भवानी ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड, जिसे अनंत टोयोटा के नाम से जाना जाता है, में ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट के पद पर नियुक्त किया गया था। बाद में उसे ग्रुप सीईओ का प्रभार भी सौंपा गया। मई 2026 में अचानक इस्तीफा देने के बाद कंपनी ने उसके दस्तावेजों और बैकग्राउंड की जांच की, तो कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

जांच में सामने आया कि देवेन्द्र ने लैंडमार्क ग्रुप में काम करने का फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र जमा किया था। इतना ही नहीं, अधिक वेतन पाने के लिए लैंडमार्क ग्रुप के नाम से ₹2,80,670 प्रतिमाह वेतन का फर्जी बैंक स्टेटमेंट भी कंपनी में जमा कराया था। जांच में पता चला कि उसने लैंडमार्क ग्रुप में कभी नौकरी ही नहीं की थी। इसके बाद कंपनी की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने मामला जांच में लिया और कानपुर में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ जारी है।

रैकी कर बाइक चोरी, छह वाहन बरामद

उधर, भितरवार थाना पुलिस ने डबरा, भितरवार, ग्वालियर और दतिया सहित प्रदेश के कई शहरों में बाइक चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब छह चोरी की बाइक बरामद की हैं।

पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य पहले बाइक की रैकी करते थे और इसके बाद मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह में सरगना भी शामिल बताया गया है। पूछताछ में सामने आया कि चोरी की गई बाइकों में सबसे ज्यादा हीरो कंपनी की बाइक थीं, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से बेच दिया जाता था।

बाइक चोरएडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर ने बताया कि आरोपियों से छह चोरी की बाइक बरामद हुई हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि चोरी की अन्य वारदातों और चोरी के वाहनों को खपाने वाले नेटवर्क का पता लगाया जा सके।