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निवेशकों की बकाया राशि नहीं लौटाने पर AG8 Ventures पर शिकंजा,

राजीव सोनी को गिरफ्तार कर भेजा जेल 

भोपाल 24 अक्टूबर 2026। निवेशकों की बकाया राशि के भुगतान से जुड़े मामले में AG8 Ventures Ltd. के पार्टनर राजीव सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। भोपाल जिला प्रशासन की कार्रवाई कंपनी से जुड़े निवेशकों के भुगतान और रेरा के निर्देशों के अनुपालन के मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बकाया राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर राजीव सोनी और कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरी हेमंत सोनी के खिलाफ सिविल जेल भेजने के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। ताजा अपडेट के मुताबिक, राजीव सोनी को आज गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

राजीव सोनी की गिरफ्तारी से जुड़े मुख्य घटनाक्रम

मध्य प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (RERA) के आदेशों का उल्लंघन करने और निवेशकों के लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये हड़पने व वापस न करने के मामले में कोलार तहसीलदार (जिला प्रशासन) द्वारा उनके खिलाफ सिविल जेल भेजने हेतु गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
जिला प्रशासन और पुलिस के निर्देशों पर लगातार तीन बार वारंट जारी होने और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर रहने के बाद आखिरकार उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

उसे मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता (भू-राजस्व की उगाही) नियम-2020 के तहत सिविल न्यायालय (संबंधित राजस्व न्यायालय/प्राधिकरण) के समक्ष पेश किया गया है, जहां से उन्हें सिविल जेल भेजने की विधिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। यह कार्रवाई एजी-8 वेंचर्स लिमिटेड की विवादित परियोजनाओं (जैसे आकृति एक्वा सिटी और आकृति ईको सिटी) में हुए घोटालों और रेरा (RERA) के नियमों की लगातार अवहेलना करने पर प्रशासन द्वारा की गई सख्त कानूनी कार्रवाई का हिस्सा है.

रेरा के निर्देशों के बाद बढ़ा कार्रवाई का दायरा

AG8 Ventures Ltd. से जुड़ी कोलार और अन्य आवासीय परियोजनाओं के मामलों में रेरा के निर्देशों के बाद प्रशासनिक कार्रवाई लगातार जारी है। इससे पहले आकृति कोलार सिटी परियोजना में कॉलोनी का विकास पूरा कराने के लिए बंधक भूखंडों की नीलामी की प्रक्रिया भी सामने आई थी। इस मामले में रेरा ने 31 दिसंबर 2025 को नगर निगम को बंधक भूखंडों के आधार पर विकास कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए थे। ।

निवेशकों की बकाया राशि की वसूली और परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए अब प्रशासन की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शेष बकाया राशि का भुगतान कब तक होता है और प्रभावित निवेशकों को राहत कब मिलती है।