पर्यटन ही शिवपुरी जिले का उज्ज्वल भविष्य, पर्यटन से मिलेगा रोजगार और विकास : अरविंद सिंह तोमर
शिवपुरी। शिवपुरी जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने एवं पर्यटन विकास को गति देने के उद्देश्य से एवी इंडिया टूर एवं जिला पर्यटन सहकारी संस्था, शिवपुरी के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय होटल कमला हेरिटेज के सभागार में “पर्यटन पर चर्चा” विषय पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए शिवपुरी के पर्यटन विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश राज्य सहकारी पर्यटन संघ, भोपाल के अध्यक्ष कुंवर अरविंद सिंह तोमर ने अपने उद्बोधन में कहा कि “पर्यटन ही शिवपुरी जिले का भविष्य है। पर्यटन के माध्यम से जिले में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे और बेरोजगारी दूर होगी। यदि पर्यटन को योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया जाए तो शिवपुरी प्रदेश के अग्रणी पर्यटन जिलों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकता है।” उन्होंने कहा कि शिवपुरी भगवान शिव की नगरी होने के साथ-साथ सिंधिया राजवंश की ग्रीष्मकालीन राजधानी भी रही है। जिले के लगभग 100 किलोमीटर के दायरे में माधव राष्ट्रीय उद्यान, कुनो राष्ट्रीय उद्यान एवं रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान स्थित हैं, जहाँ पर्यटकों को बाघ, चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ सहित समृद्ध वन्यजीवों का अद्भुत अनुभव प्राप्त होता है।
श्री तोमर ने कहा कि शिवपुरी में सिंधिया महाराज की विश्व प्रसिद्ध छतरियां (मिनी ताजमहल), सुरवाया गढ़ी, ऐतिहासिक खोकई एवं रन्नौद मठ, सूर्य मंदिर, नरवर का ऐतिहासिक किला, जो एशिया के सबसे ऊँचे किलों में से एक है, जैसे अनेक ऐतिहासिक धरोहर स्थल मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त अटल सागर (मणिखेड़ा), चाँदपाठा झील, मनमोहक जलप्रपात, घने वन क्षेत्र, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल शिवपुरी की पर्यटन क्षमता को और अधिक समृद्ध बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि लगभग तीन वर्ष पूर्व पर्यटन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रारंभ हुए थे, लेकिन स्थानीय स्तर पर अपेक्षित गति नहीं मिलने से वे रुक गए। अब एवी इंडिया टूर के युवा साथियों ने पर्यटन विकास के लिए नई ऊर्जा के साथ अभियान प्रारंभ किया है, जिसमें सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मध्य प्रदेश स्तर पर शिवपुरी के पर्यटन विकास के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
श्री तोमर ने घोषणा की कि भविष्य में उत्तराखंड की तर्ज पर फ्लोटिंग रेस्टोरेंट एवं फ्लोटिंग रूम विकसित करने, कृषि पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, इको टूरिज्म, साहसिक (एडवेंचर) पर्यटन तथा नवाचार आधारित पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम में जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सहायक नोडल अधिकारी श्री सौरभ गौर ने जिले की पर्यटन योजनाओं एवं संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशासन एवं समाज के संयुक्त प्रयासों से शिवपुरी को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।
एवी इंडिया टूर के संचालक श्री विनय शर्मा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल पर्यटन भ्रमण कराना नहीं, बल्कि शिवपुरी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी जनजागरूकता एवं पर्यटन संवर्धन से जुड़े ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में श्रीमती विनीता जैन ने अपने प्रभावशाली संबोधन में पर्यटन विकास में महिला सहभागिता एवं जनजागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया तथा कार्यक्रम का सफल संचालन (एंकरिंग) भी किया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का सफल संचालन श्री देवेंद्र भार्गव एवं उनकी टीम ने किया। वहीं श्रीमती वंदना शिवहरे, श्रीमती सुंदरी चौहान एवं उनकी टीम द्वारा स्थानीय कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आकर्षक आर्ट एंड क्राफ्ट गैलरी का आयोजन किया गया, जिसे उपस्थित सभी अतिथियों ने अत्यंत सराहा।
संगोष्ठी में पर्यटन विकास के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा करते हुए सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधि, पर्यटन व्यवसायी एवं स्थानीय नागरिक सामूहिक रूप से कार्य करें तो शिवपुरी आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपना महत्वपूर्ण स्थान बना सकता है।
इस अवसर पर श्री अशोक मोहते, वरिष्ठ पत्रकार श्री विपिन (मामा) शुक्ला, श्री विशाल चौरसिया (नरवर), श्रीमती विभा रघुवंशी, श्रीमती वंदना शिवहरे, श्रीमती शोभा पुरोहित, श्रीमती सुंदरी चौहान, पार्षद श्री विनोद बाथम, उत्कर्ष शर्मा, रुद्र पुरोहित, अनुष्ठा शर्मा, आदर्श शर्मा सहित पर्यटन, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि शिवपुरी के प्राकृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए संयुक्त रूप से सतत प्रयास किए जाएंगे, ताकि पर्यटन के माध्यम से जिले के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन एवं स्थानीय संस्कृति के संरक्षण को नई गति मिल सके।
