महिला पदयात्रा में भाजपा का विपक्ष पर निशाना
भोपाल, 20 अप्रैल 2026। राजधानी में सोमवार को ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ के जरिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता नजर आया। कार्यक्रम में डॉ. मोहन यादव और हेमंत खण्डेलवाल सहित भाजपा के कई नेता शामिल हुए। रैली एमवीएम ग्राउंड से रोशनपुरा चौराहे तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजनीतिक संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों—खासतौर पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके—पर अधिनियम को आगे बढ़ने से रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है और इसके विरोध में प्रदेश सहित देशभर में आक्रोश है।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने इसे महिलाओं के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि अधिनियम के जरिए संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे विपक्ष ने बाधित किया।
विपक्ष पर तीखे बयान, ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख
भाषणों में कांग्रेस नेतृत्व पर भी तीखे आरोप लगाए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर विपक्ष का रुख निराशाजनक रहा है। साथ ही, विभिन्न ऐतिहासिक नेताओं—मदन मोहन मालवीय, ज्योतिराव फुले, भीमराव अंबेडकर और अटल बिहारी वाजपेयी—का उल्लेख करते हुए महिलाओं के अधिकारों के लिए उनके योगदान को याद किया गया।
पदयात्रा में महिलाओं की भागीदारी और विरोध प्रदर्शन
पदयात्रा में हजारों महिलाओं ने हिस्सा लिया। विरोध स्वरूप काले गुब्बारे छोड़े गए और नारेबाजी की गई। कई प्रतिभागियों ने तख्तियों के माध्यम से भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
कार्यक्रम में भाजपा की महिला जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों और अन्य पदाधिकारियों के अलावा आमजन की भी उपस्थिति रही। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना है। यह मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है, जिसमें विभिन्न दलों के बीच मतभेद देखने को मिलते रहे हैं।
भोपाल की यह पदयात्रा स्पष्ट करती है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक विधायी मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक विमर्श का बड़ा केंद्र बन चुका है। एक ओर भाजपा इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़कर जनसमर्थन जुटाने में लगी है, वहीं विपक्ष के रुख को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

