भोपाल 26 अप्रैल, 2026। आज भोपाल में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा भाजपा सरकार की महिला विरोधी नीतियों के विरोध में एक विशाल पैदल मार्च आयोजित किया गया। यह पैदल मार्च प्लेटिनम प्लाज़ा से प्रारंभ होकर टीनशेड, टॉप एंड टाउन, न्यू मार्केट होते हुए रोशनपुरा चौराहा तक निकाला गया। मार्च के माध्यम से भाजपा सरकार की नीयत और महिलाओं के प्रति उसकी कथित उपेक्षापूर्ण नीतियों को जनता के सामने उजागर किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री कांतिलाल भूरिया, विधायकगण श्री फूल सिंह बरैया, श्री आरिफ मसूद एवं श्री आतिफ अकील, पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, मीडिया विभाग के अध्यक्ष श्री मुकेश नायक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव श्री कुणाल चौधरी, सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष श्री अवनीश भार्गव, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बौरासी, पूर्व विधायक सुनीता पटेल, भोपाल शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री प्रवीण सक्सेना, भोपाल ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अनोखी पटेल, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री यश घनघोरिया सहित एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा आकस्मिक विशेष विधानसभा सत्र बुलाए जाने के संदर्भ में कांग्रेस पार्टी अपनी नीति स्पष्ट करते हुए मांग करती है कि देश को गुमराह करना बंद किया जाए और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने मांग की कि लोकसभा की सभी 543 सीटों पर महिला आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा मध्यप्रदेश विधानसभा में भी महिला आरक्षण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जाए, ताकि देश को एक स्पष्ट और सकारात्मक संदेश मिले।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी द्वारा सदन के भीतर विभिन्न नियमों के तहत आवश्यक प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा चुके हैं और नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में यह पहल पूर्णतः संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव एवं भाजपा से अपेक्षा की कि वे इस विषय पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए महिला आरक्षण प्रस्ताव को पारित करें। उन्होंने कहा कि यदि सरकार यह प्रस्ताव पारित करती है तो कांग्रेस उसका स्वागत करेगी, अन्यथा जनता स्वयं इसका आकलन करेगी।
नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा और आरएसएस महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वास्तविक आरक्षण देने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल विधानसभा में अशासकीय संकल्प लाकर 543 सीटों पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग करेगा और इसे केंद्र सरकार को भेजने का आग्रह करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विशेष सत्र केवल औपचारिकता के लिए बुलाया गया है, तो कांग्रेस भाजपा की कथनी और करनी को उजागर करेगी।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बौरासी ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में वास्तविक अवसर देने के लिए पूर्व प्रस्तावित महिला आरक्षण को बिना किसी देरी के लागू किया जाना आवश्यक है।
पूर्व विधायक सुनीता पटेल ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर संघर्ष आवश्यक है और कांग्रेस इस दिशा में प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस ने कहा कि जब-जब कांग्रेस सत्ता में आई है, तब महिलाओं के हित और अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। राजीव गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और सोनिया गांधी के नेतृत्व में त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरी निकायों में महिलाओं को आरक्षण सुनिश्चित किया गया। मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस सरकार ने महिलाओं को स्थानीय निकायों में आरक्षण प्रदान किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी पहले भी महिला विरोधी रही है और आज भी महिला आरक्षण के मुद्दे पर नकारात्मक रुख रखती है।
