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अवैध निर्माण के खिलाफ भोपाल में रहवासी संगठनों का मोर्चा, सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी

अरेरा कॉलोनी की बैठक में कई आवासीय क्षेत्रों का समर्थन, रहवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

भोपाल। अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर कथित अवैध व्यावसायिक निर्माण एवं गतिविधियों के विरोध में चल रहे अभियान को भोपाल के अन्य आवासीय क्षेत्रों का भी समर्थन मिलने लगा है। सोमवार को आयोजित बैठक में गौतम नगर, रचना नगर, शाहपुरा, त्रिलंगा और गुलमोहर कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने इस मुहिम में शामिल होने का निर्णय लिया। बैठक में विभिन्न कॉलोनियों में “सिटिजन वॉक” आयोजित कर जनजागरूकता अभियान चलाने की भी घोषणा की गई।

बैठक में उपस्थित रहवासी संगठनों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की उदासीनता के कारण आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। उनका कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो भोपाल की नियोजित आवासीय कॉलोनियों का स्वरूप प्रभावित होगा।

याचिकाकर्ता पूर्णेंदु शुक्ला ने दावा किया कि कई शिकायतों और न्यायालय के निर्देशों के बावजूद अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं विवेक त्रिपाठी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद अन्य राज्यों में भी अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर कार्रवाई हुई, लेकिन भोपाल में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।

लावनिश भाटी ने आरोप लगाया कि नगर निगम केवल औपचारिक नोटिस जारी कर रहा है ताकि आगामी सुनवाई में कार्रवाई का हवाला दिया जा सके। दूसरी ओर अरेरा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स संघ के नीरज गुलाटी ने कहा कि न्यायालय के पूर्व आदेशों के आधार पर अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

शाहपुरा आवासीय संघ की अध्यक्ष शुभ्रा श्रीवास्तव और रचना नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष मयंक नागर ने कहा कि यदि न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।

बैठक में मौजूद रहवासी संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका अभियान किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि आवासीय कॉलोनियों के संरक्षण, कानून के पालन और नागरिकों के सुरक्षित एवं व्यवस्थित जीवन के अधिकार की रक्षा के लिए है। उनका कहना है कि आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों के नागरिक संयुक्त मंच बनाकर इस अभियान को और व्यापक स्वरूप देंगे तथा आवश्यक होने पर कानूनी और लोकतांत्रिक माध्यमों से आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा।