SMA Type-2 से जूझ रही मासूम के इलाज के लिए जीवनरक्षक इंजेक्शन की जरूरत, जनसेवक अनंत शर्मा और अधिवक्ता दीपांकर मिश्रा ने जनसहयोग अभियान तेज करने का आह्वान किया
ग्वालियर। महज डेढ़ साल की मासूम नीलाक्षी जिंदगी और गंभीर बीमारी के बीच जंग लड़ रही है। ग्वालियर निवासी नीलाक्षी SMA Type-2 (Spinal Muscular Atrophy Type-2) से पीड़ित है। उसके उपचार के लिए आवश्यक जीवनरक्षक इंजेक्शन की अनुमानित लागत करीब 15 करोड़ रुपये बताई गई है। इतनी बड़ी राशि जुटाना परिवार के लिए अकेले संभव नहीं है, जिसके चलते अब समाज के सहयोग की उम्मीद है।
इसी उद्देश्य से मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को प्रेस क्लब, फूलबाग स्थित मानस भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें जनसेवक अनंत शर्मा और अधिवक्ता दीपांकर मिश्रा ने नीलाक्षी के उपचार के लिए चलाए जा रहे जनसहयोग अभियान की जानकारी दी और ग्वालियर सहित देशभर के लोगों से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की।
48 लाख जुटे, लेकिन मंजिल अभी बहुत दूर
अभियान से जुड़े लोगों के मुताबिक अब तक ऑनलाइन और नकद माध्यम से करीब 48 लाख रुपये एकत्र किए जा चुके हैं। हालांकि उपचार के लिए निर्धारित करीब 15 करोड़ रुपये के लक्ष्य की तुलना में यह राशि अभी काफी कम है। अभियान को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर जनसहयोग की आवश्यकता है।
अनंत शर्मा और दीपांकर मिश्रा ने कहा कि यह केवल एक परिवार की परेशानी नहीं है, बल्कि एक मासूम की जिंदगी बचाने की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज का हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करे और अभियान की जानकारी अपने परिचितों तथा अन्य लोगों तक पहुंचाए, ताकि अधिक से अधिक मदद जुटाई जा सके।
छोटी मदद भी बन सकती है जिंदगी की बड़ी उम्मीद
अभियान के आयोजकों ने ग्वालियर सहित मध्य प्रदेश और देशभर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थानों, जनप्रतिनिधियों और सक्षम लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि ₹10, ₹100, ₹1,000 या सामर्थ्य के अनुसार कोई भी सहयोग नीलाक्षी के इलाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
अभियान का उद्देश्य साफ है—नीलाक्षी को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और उसे सामान्य जीवन जीने का अवसर देना। इसके लिए अब उम्मीद समाज की सामूहिक संवेदनशीलता और सहयोग पर टिकी है।
