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कलेक्टर के संज्ञान के बाद भी खानापूर्ति? दस्तावेजों के विपरीत नामांतरण का खेल जारी!

1.67 बीघा की रजिस्ट्री, लेकिन 3.97 बीघा का नामांतरण; क्या यह सिर्फ ‘टाइपिंग मिस्टेक’ या बड़ा राजस्व खेल? ग्वालियर। युग क्रांति द्वारा ग्वालियर ग्रामीण तहसील के ग्राम कल्याणपुरा में प्रकाशित सनसनीखेज खुलासा—“राजस्व रिकॉर्ड में जमीन शून्य, फिर भी 1584 वर्गफुट की रजिस्ट्री! ग्वालियर में किसके संरक्षण में चला कथित भूमि खेल”—पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान…

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एक प्लास्टर गिरा तो निलंबन, आठ मकान ढहे तो पदोन्नति! पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में ‘दोहरी नीति’ पर बड़े सवाल

बरघाट के आठ आरक्षक आवास गिरने की जांच रिपोर्ट तीन साल से गायब, दोषी ठहराए गए अधिकारी पर कार्रवाई नहीं; उल्टा समयमान वेतनमान और अब नियमित पदोन्नति की तैयारी.. भोपाल। मप्र पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम (पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन) में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा किसी नए निर्माण की नहीं, बल्कि एक ऐसी जांच…

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तमिलनाडु में ’30-40% कमीशन संस्कृति’ पर मुख्यमंत्री विजय का प्रहार, क्या मध्य प्रदेश भी लेगा सबक?

ठेकेदारी व्यवस्था में बड़ा सुधार, खुले टेंडर और ‘जीरो कमीशन’ नीति से सरकारी खजाने को करोड़ों की बचत; पूरे देश में छिड़ी सुशासन की बहस चेन्नई/भोपाल। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने सरकारी ठेकेदारी व्यवस्था में कथित 30 से 40 प्रतिशत कमीशनखोरी पर सख्त विराम लगाने के निर्देश देकर देशभर में सुशासन और पारदर्शिता की…

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PWD में प्रभार की जंग: प्रमुख अभियंता के आदेश को मुख्य अभियंता ने दी चुनौती, नियमों और अधिकार क्षेत्र पर उठे बड़े सवाल

प्रमुख सचिव को लिखे सवालिया पत्र में कहा_ प्रतिनियुक्त अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार देने का अधिकार प्रमुख अभियंता को नहीं; कनिष्ठ अधिकारी को वरिष्ठ का प्रभार सौंपने पर भी आपत्ति भोपाल। लोक निर्माण विभाग (PWD) में मुख्य अभियंताओं और अतिरिक्त प्रभारों को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया…

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मंडला मेडिकल कॉलेज में 132 करोड़ की लागत वृद्धि पर सवाल, मुख्य सचिव ने दिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश

सरकारी खजाने पर 53% अतिरिक्त बोझ के लिए कौन जिम्मेदार ? भोपाल/मंडला। मध्य प्रदेश भवन विकास निगम (बीडीसी) की निर्माण परियोजनाओं में एक चिंताजनक प्रवृत्ति लगातार सामने आ रही है। अधिकांश परियोजनाएं जिस लागत पर स्वीकृत होती हैं, उनके पूर्ण होने से पहले ही संशोधित डीपीआर (Revised DPR) के नाम पर करोड़ों रुपये की अतिरिक्त…

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मुख्य सचिव के सख्त आदेश भी दबा दिए गए! बुधनी मेडिकल कॉलेज में 70 करोड़ के वेरिएशन पर तीन महीने तक दबी रही कार्रवाई

700 करोड़ की परियोजना में गंभीर तकनीकी खामियों पर मुख्य सचिव ने दिए थे तत्काल कार्रवाई के निर्देश, लेकिन प्रोसीडिंग्स ही दबा दी गईं; तीन महीने बाद पत्र मिलते ही बीडीसी ने तत्कालीन जीएम अजय श्रीवास्तव एवं अन्य को जारी किया कारण बताओ नोटिस भोपाल। युग क्रांति की सुर्खियों में रहा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम…

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अंतरराज्यीय शराब सिंडिकेट का दावा, लेकिन सिर्फ एक आरोपी!

 इंदौरआबकारी विभाग की जांच और कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल भोपाल/इंदौर। तुलसी नगर में संचालित अवैध शराब फैक्ट्री पर कार्रवाई के दिन सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी मीडिया के सामने कारखाने के तार अंतर-राज्यीय शराब तस्करी गिरोह से जुड़े होना बताते हुए इसके तार केवल इंदौर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दूसरे राज्यों तक फैले होने…

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MPRRDA में ₹55.60 करोड़ के कथित फर्जी बिटुमेन बिल घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई

 EOW की FIR के बाद रीवा-जबलपुर में छापे, 44 इंजीनियर-ठेकेदार जांच के दायरे में भोपाल/रीवा। मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) में सड़क निर्माण कार्यों के लिए कथित फर्जी बिटुमेन बिल लगाकर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की चपत पहुंचाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ…

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“क्या MPRDC मुख्यालय ‘नो एंट्री ज़ोन’ है? अधिकारी की अनुमति के बिना अधिमान्य पत्रकार तक नहीं कर सकते प्रवेश”

ठेकेदारों, शिकायतकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए अफसरों तक पहुंच मुश्किल; क्या यह व्यवस्था पारदर्शिता के अनुरूप है? भोपाल। म प्र सड़क विकास निगम (MPRDC) का भोपाल स्थित मुख्यालय आखिर किस श्रेणी का सरकारी कार्यालय है? क्या यह कोई सुरक्षा एजेंसी, रक्षा प्रतिष्ठान या संवेदनशील खुफिया संस्थान है, जहां आम नागरिक तो दूर, अधिमान्य पत्रकारों…

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CAG की आपत्तियां, करोड़ों की सड़कें और अनुत्तरित सवाल… MPRRDA आखिर किसके प्रति जवाबदेह?

गुणवत्ता, अनियमित भुगतान, रॉयल्टी, DLP और परियोजना प्रबंधन पर वर्षों से उठती रही ऑडिट आपत्तियां, अब जवाबदेही की बारी भोपाल। मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) एक बार फिर गंभीर सवालों के केंद्र में है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा पिछले वर्षों में विभिन्न ऑडिट रिपोर्टों और ऑडिट पैरों के माध्यम से सड़क…

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