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इंदौर शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अव्यवस्था!

हजारों एरियर और भुगतान प्रकरण लंबित, स्थायी BEO नहीं होने से बढ़ी परेशानी

शिक्षकों-कर्मचारियों में नाराजगी, शासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

इंदौर, 19 मई 2026। इंदौर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में हजारों एरियर और भुगतान संबंधी प्रकरण लंबित होने का मामला अब गंभीर प्रशासनिक मुद्दे के रूप में सामने आने लगा है। शिक्षक-व्याख्याता एवं प्राचार्य संवर्ग मध्यप्रदेश ने स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय को ज्ञापन भेजकर कार्यालय में शीघ्र पूर्णकालिक एवं स्थायी विकासखंड शिक्षा अधिकारी की पदस्थापना की मांग उठाई है।

संघ के प्रांतीय संयोजक शिववीर सिंह भदौरिया द्वारा भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि इंदौर जिले के सबसे बड़े विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 37 संकुलों के हजारों कर्मचारियों और शिक्षकों के विभिन्न भुगतान एवं एरियर प्रकरण पिछले तीन से चार महीनों से लंबित पड़े हुए हैं। इसके कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और सीएम हेल्पलाइन में भी लगातार शिकायतें बढ़ रही हैं।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित कार्यालय में स्थायी बीईओ की पदस्थापना नहीं होने के कारण लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि कर्मचारियों के नियमित भुगतान से लेकर सेवानिवृत्त अधिकारियों के वित्तीय प्रकरण तक प्रभावित हो रहे हैं।

क्या-क्या है लंबित?

ज्ञापन में जिन मामलों का उल्लेख किया गया है उनमें वेतनमान एरियर, क्रमोन्नत समयमान वेतनमान भुगतान, डीए एरियर की किश्तें, कर्मचारियों के एरियर भुगतान, आयकर कटौती संबंधी कार्य, नवीन शिक्षक संवर्ग के सातवें वेतनमान के भुगतान तथा पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा, जीपीएफ/डीपीएफ और अर्जित अवकाश नगदीकरण जैसे महत्वपूर्ण प्रकरण शामिल हैं।

संघ ने ज्ञापन में कहा है कि इंदौर जिले के सबसे बड़े शिक्षा प्रशासनिक कार्यालय में स्थायी अधिकारी की व्यवस्था नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। हजारों लंबित प्रकरणों के कारण कर्मचारियों और शिक्षकों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है तथा विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग

संघ ने शासन और लोक शिक्षण संचालनालय से मांग की है कि इंदौर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शीघ्र पूर्णकालिक एवं स्थायी अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए ताकि लंबित मामलों का निराकरण हो सके और कर्मचारियों को राहत मिल सके।

शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो लंबित भुगतान और एरियर प्रकरण आने वाले समय में बड़ा प्रशासनिक और कर्मचारी असंतोष का कारण बन सकते हैं।