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समर्पित और ईमानदार प्रयास पुरस्कार से अधिक महत्वपूर्ण – प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री अहलूवालिया

किसी भी प्रतियोगिता में प्रतिभागी बनना ही सफलता की राह पर चलने की शुरूआत

उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में आयोजित हुईं प्रतियोगितायें

बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक, 120 प्रतिभागियों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग

ग्वालियर, 24 अक्टूबर 2026/ उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में शनिवार को आयोजित ‘उल्लास’ कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बच्चों ने गायन, नृत्य, निबंध लेखन, चित्रकला, वादन और फैंसी ड्रेस सहित विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायाधिपति एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ग्वालियर के सह-अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री जी. एस. अहलूवालिया ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में प्रतिभागी बनना ही सफलता की राह पर आगे बढ़ने की शुरुआत है। जीवन में सफलता के लिए संयमित सोच, दृढ़ संकल्प, एकाग्रता और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त न कर पाने पर निराश होने के बजाय अपने प्रयासों और सीखने की प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखें, क्योंकि जीवन में स्थान से अधिक महत्व समर्पण और ईमानदारी से किए गए प्रयास का है।

उच्च न्यायालय की ग्वालियर खण्डपीठ परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य खण्डपीठ में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के बच्चों की बौद्धिक क्षमता, रचनात्मकता और बहुमुखी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्गों के कुल 120 बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

छह विधाओं में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

‘उल्लास’ कार्यक्रम के अंतर्गत गायन कला, नृत्य कला, निबंध लेखन, चित्रकला, वादन कला और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रत्येक विधा में प्रतिभागियों को तीन आयु वर्गों—0 से 8 वर्ष, 9 से 14 वर्ष तथा 15 से 18 वर्ष—में विभाजित किया गया था। प्रत्येक विधा और आयु वर्ग में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

अभिभावकों के प्रोत्साहन को बताया महत्वपूर्ण

प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री जी. एस. अहलूवालिया ने बच्चों की सहभागिता की सराहना करते हुए सभी अभिभावकों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने बच्चों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने में अभिभावकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का संदेश रहा कि प्रतियोगिताओं में सहभागिता बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है।

न्यायमूर्तियों एवं अधिकारियों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री जी. एस. अहलूवालिया के साथ न्यायमूर्ति श्री आशीष श्रोती, न्यायमूर्ति श्री पुष्पेन्द्र यादव, ग्वालियर के प्रधान जिला न्यायाधीश श्री ललित किशोर, उच्च न्यायालय की ग्वालियर खण्डपीठ के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार श्री राजीव के. पाल, ओएसडी श्री ऋतुराज सिंह चौहान, पुलिस सुरक्षा अधिकारी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


‘उल्लास’ कार्यक्रम उच्च न्यायालय की संस्थागत गतिविधियों में रचनात्मकता और संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करने की एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आया। इस आयोजन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के परिवारों को एक साझा मंच प्रदान करने के साथ बच्चों की प्रतिभा को पहचानने, निखारने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का अवसर उपलब्ध कराया।