केपीसी कंपनी पर सख्ती के संकेत..
ग्वालियर । रेलवे स्टेशन ग्वालियर के उन्नयन एवं पुनर्विकास कार्यों की दिशा की समीक्षा बैठक में सांसद भारत सिंह कुशवाह ने निर्माण कार्यों की सुस्त रफ्तार और गुणवत्ता को लेकर तीखा असंतोष जताया। बैठक का माहौल उस समय गरमा गया जब यह तथ्य सामने आया कि निर्माणकर्ता एजेंसी केपीसी कंपनी लगातार तीसरी बार समय वृद्धि (टाइम एक्सटेंशन) ले चुकी है, इसके बावजूद जमीनी स्तर पर प्रगति संतोषजनक नहीं है। बता दें कि इस पर सांसद कुशवाह लोकसभा में सवाल तक उठ चुके हैं।
सांसद कुशवाह ने साफ शब्दों में कहा कि “रेलवे के बड़े-बड़े दावे धरातल पर फेल साबित हो रहे हैं। यात्रियों को रोजाना भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार गंभीरता नहीं दिखा रहे।” उन्होंने निर्माण कार्यों में हो रही लेट-लतीफी को “अस्वीकार्य” बताते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए।
गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों को लेकर भी सांसद ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “अगर निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो इसकी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस तरह की लापरवाही को दिल्ली तक उठाया जाएगा, ताकि उच्च स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
बैठक में सांसद ने ओवरब्रिज से जुड़े सीढ़ियों (सीढ़ी मार्ग) की चौड़ाई बढ़ाने की भी आवश्यकता बताई, ताकि यात्रियों को सुगम आवागमन मिल सके। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए जा रहे सुझावों को गंभीरता से लागू किया जाए, न कि केवल औपचारिकता निभाई जाए।
सांसद की इस कड़ी चेतावनी के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रेलवे प्रशासन और केपीसी कंपनी अपने रवैये में कितना बदलाव लाते हैं, या फिर ग्वालियर के यात्रियों को यूं ही अव्यवस्था और असुविधा का सामना करना पड़ता रहेगा।
