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आयुक्त के आदेशों की उड़ रही धज्जियां! ग्वालियर जीएसटी कार्यालय में 20–30% तक अधिकारी रहते अनुपस्थित

कार्यालयीन समय 10 से 6 की अनिवार्य उपस्थिति के आदेश की लगातार अनदेखी, एंटी इवेज़न ब्यूरो कार्यालय की स्थिति सबसे खराब..

ग्वालियर। मध्य प्रदेश वाणिज्य कर (जीएसटी) विभाग में कार्यों के समयबद्ध निपटारे और कार्यालयीन अनुशासन को सुदृढ़ बनाने के लिए आयुक्त अनय द्विवेदी द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। लेकिन ग्वालियर में इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। जिससे विभागीय कार्यों की सुचारु व्यवस्था बाधित बनी हुई है।

युग क्रांति टीम द्वारा राजधानी और विभागीय मुख्यालय सहित ग्वालियर कार्यालयों के निरीक्षण में चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। जहां भोपाल में इन निर्देशों का काफी हद तक पालन होता दिखा, वहीं ग्वालियर जीएसटी कार्यालयों में उपस्थिति को लेकर लापरवाही साफ नजर आई। इंदौर मुख्यालय की भी स्थिति संतोषजनक नहीं दिखी।

स्थिति यह है कि ग्वालियर के कई कार्यालयों में 20 से 30 प्रतिशत तक अधिकारी-कर्मचारी नियमित रूप से अनुपस्थित पाए गए। पूछताछ पर अक्सर यही जवाब मिलता है कि “साहब छुट्टी पर हैं” या “साहब फील्ड में गए हैं”, जबकि कार्यालय में उनकी उपस्थिति का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिलता। शुक्रवार को किये निरीक्षण में सबसे ज्यादा खराब स्थिति ग्वालियर एंटी इवेज़न ब्यूरो कार्यालय की देखी गई। यहां कई अधिकारी कार्यालयीन समय में उपलब्ध नहीं मिलते, इस क्रम में एक वरिष्ठ अधिकारी के बारे में युग क्रांति द्वारा पहले भी विस्तार से जिक्र किया गया था मगर फिर भी उनमें सुधार नहीं देखा गया। इन सबके चलते विभागीय कामकाज और जांच प्रक्रियाओं पर भी असर पड़ रहा है।

सूत्रों का कहना है कि ग्वालियर में कुछ अधिकारी खुद को नियमों से ऊपर समझते हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि वेग्वालियर जीएसटी ऑफिस अपनी मर्जी के अनुसार कार्यालय आते-जाते हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो विभागीय अनुशासन और कार्यों की समयबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े होना तय है। विभाग के जानकारों का मानना है कि यदि आयुक्त स्तर से उपस्थिति की सख्त मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय नहीं की गई तो आदेश केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे।

युग क्रांति_ प्रदेश के अधिकांश जीएसटी कार्यालय पर अपनी नजर बनाए हुए हैं, अब देखना यह होगा कि आयुक्त द्वारा जारी निर्देशों की लगातार अवहेलना पर कोई एक्शन होता है अथवा नहीं ?