दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के संभावित उम्मीदवार के रूप में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बेहद गंभीर आरोपों वाली पोस्टें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है। हालांकि भाजपा ने अभी तक आधिकारिक रूप से उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन मिश्रा को टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
वायरल हो रही एक पोस्ट में एक महिला प्रोफाइल से डॉ. मिश्रा पर छात्रावासों में कथित अनियमितताओं और अन्य गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट में कई अधिकारियों के नाम भी लिखे गए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इसी सामग्री को आधार बनाकर कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो भी प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें सवाल उठाया जा रहा है कि यदि आरोप निराधार हैं तो संबंधित व्यक्ति कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अभी तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर इन आरोपों को किसी सक्षम न्यायालय या जांच एजेंसी द्वारा प्रमाणित नहीं माना गया है। इसलिए इन्हें फिलहाल केवल सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनाव के दौरान इस तरह की वायरल पोस्टें मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास भी हो सकती हैं। ऐसे मामलों में संबंधित पक्ष यदि आरोपों को झूठा मानता है तो वह मानहानि या अन्य कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपना सकता है। दतिया का उपचुनाव पहले ही प्रदेश की प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकते हैं।
नोट: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री के अस्तित्व और उससे उपजे राजनीतिक विवाद पर आधारित है। समाचार में वर्णित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। संबंधित पक्ष का जवाब प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
