आरक्षण : वोटों की राजनीति या मानसिक निर्भरता की ओर बढ़ता समाज? : बृजराज सिंह
भारतीय संविधान ने सामाजिक न्याय की भावना को केंद्र में रखकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा बाद में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अनेक विशेष प्रावधान किए। इनका उद्देश्य उन समुदायों को शिक्षा, रोजगार और अवसरों में आगे लाना था जो ऐतिहासिक और सामाजिक कारणों से लंबे समय तक वंचित रहे। इस उद्देश्य पर शायद…
