ब्रेकिंग

सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज: 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए 25 हजार करोड़ के विकास कार्य

‘नव्य, दिव्य और भव्य’ सिंहस्थ का लक्ष्य; 22 नए पुल, 29 किमी नए घाट, डिजिटल कमांड सेंटर और नए एयरपोर्ट सहित बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट प्रगति पर

भोपाल, 27 जून 2026। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को नव्य, दिव्य और भव्य स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटी है। उन्होंने बताया कि विश्व के सबसे बड़े धार्मिक मेले में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिसके लिए उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य किए जा रहे हैं।

उज्जैन में आयोजित ‘सिंहस्थ-2016 के अनुभव, सिंहस्थ-2028 का संकल्प’ विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और आस्था का विराट प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों से सेवा भाव और टीम वर्क के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि “स्वच्छ सिंहस्थ, स्वस्थ सिंहस्थ” ही सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ-2028 के लिए 778 करोड़ रुपये की लागत से शिप्रा नदी के दोनों तटों पर 29 किलोमीटर से अधिक नए घाट बनाए जा रहे हैं, जबकि 120 करोड़ रुपये से पुराने स्थायी घाटों का उन्नयन किया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं के बाद 24 घंटे में लगभग 4 करोड़ श्रद्धालु अमृत स्नान कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए 853.46 करोड़ रुपये की लागत से 22 नए पुलों का निर्माण और मौजूदा पुलों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इनमें 17 नदी पुल तथा 5 रेलवे ओवरब्रिज शामिल हैं। साथ ही 139 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डिजिटल कमांड सेंटर बनाया जा रहा है, जिसमें एआई आधारित भीड़ प्रबंधन, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन को सड़क, रेल और हवाई मार्ग से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें उज्जैन-इंदौर छह लेन सड़क, उज्जैन-जावरा, उज्जैन-गरोठ, उज्जैन-मक्सी और उज्जैन-झालावाड़ मार्गों का विस्तार शामिल है। सिंहस्थ के दौरान 236 विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी तथा 7 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा उज्जैन-देवास मार्ग पर लगभग 457 एकड़ भूमि में नया हवाई अड्डा और सदावल में 4 आधुनिक हेलीपैड भी बनाए जा रहे हैं।

सिंहस्थ की तैयारीमुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया जाएगा, जिनमें अनुभवी अधिकारियों, संतों, जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को शामिल कर उनके सुझावों के आधार पर आयोजन को और अधिक सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी दुनिया के सामने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और व्यवस्थागत क्षमता का उदाहरण बनेगा।