ग्वालियर 22 जनवरी 2026। शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था जन उत्थान न्यास के तत्वाधान में चतुर्थ सर्वजातिय निःशुल्क विवाह एवं निकाह सामूहिक समारोह का आयोजन कल शुक्रवार को कटोराताल के सामने स्थित ‘जनकपुरी’ मैदान में किया जा रहा है। इस आयोजन की भव्य तैयारियां पूर्ण हो चुकी है। विवाह स्थल पर 51 मण्डप सज-धज कर तैयार हैं। विवाह रश्म के क्रम में आज महिला संगीत का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कन्या पक्ष से सैकड़ों महिलायें शामिल हुई। महिला संगीत में कन्याओं में भारी उत्साह है।
जन उत्थान न्यास द्वारा आयोजित निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिये आज गुरूवार दोपहर से भोजन बनना शुरू हो गया है, भोजन बनाने का कार्य शहर के प्रतिष्ठित हलवाई लालू भदौरिया एवं टीम द्वारा किया जा रहा है। विवाह समारोह में शहर एवं संभाग से 40 हजार लोग शिरकत करेंगे। भोजन कार्यक्रम की व्यवस्था कार्यक्रम स्थल ‘जनकपुरी’ परिसर एवं उसके बाहर दोनों तरफ की गई है। भोजन व्यवस्था हेतु समिति का गठन हो चुका है, जो भोजन की व्यवस्था को बनाये रखने का कार्य करेंगे।
बारात के स्वागत के लिये दुल्हन की तरह सजकर तैयार है ‘जनकपुरी’
जन उत्थान न्यास द्वारा सर्वजातीय विवाह सम्मेलन के लिये विवाह स्थल कटोराताल के सामने ‘जनकपुरी’ मैदान पूरी तरह बारात के स्वागत के लिये सज-धज कर तैयार है। विवाह स्थल को बहुत ही आकर्षक तरीके से भव्य रूप से सजाया गया है। बेहद मनोहरकारी विवाह स्थल पर व्यवस्थओं में लगे कार्यकर्ताओं में भारी जोश-उत्साह नजर आ रहा है। बारातियों के स्वागत की जोरदार तैयारियां की गई हैं। बारात आज प्रातः 9 बजे अचलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद विवाह स्थल के लिये रवाना होंगी। बारात अचलेश्वर से सनातन धर्म मंदिर, इंद्ररगंज चौराहा, दाल बाजार, राजपायगा रोड होते हुये विवाह स्थल ‘जनकपुरी’ मैदान पहुॅचेंगी। इस दौरान बारात का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर आतिशबाजी चलाकर भव्य स्वागत किया जायेगा। 51 घोड़ों पर सवार दुल्हों की बारात के साथ कई बैण्ड-बाजों, डी.जे. एवं ढोल-तांसे बजाने वाले आगें चलेंगे।
सभी 51 कन्याओं को मिलेंगी स्कूटी गाडियां
जन उत्थान न्यास के अध्यक्ष एवं विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने बताया कि विवाह एवं निकाह समारोह में पहले 2 कन्याओं को स्कूटी लक्की ड्राॅ द्वारा दी जा रही थी, लेकिन अब न्यास की मुख्य आयोजन समिति की बैठक में तय किया गया है कि सभी 51 कन्याओं को स्कूटी दी जायेगी। स्कूटी के साथ सभी कन्याओं को हेलमेट भी दिये जा रहे हैं। इस उपहार को लेकर कन्याओं में बेहद खुशी है। विवाह समारोह की सभी रश्में पूर्ण होने के बाद 51 कारों से बहनों की विदाई की जायेगी। कारों की व्यवस्था न्यास द्वारा की गई है, जो कि नगर निगम सीमा के अंतर्गत कन्याओं को उनके ससुराल तक छोड़ने जायेंगी। गाडियों को फूलमालाओं से सजाया जायेगा।
कूलर, फ्रिज, सोने एवं चांदी के जेवर, एल.ई.डी, अलमारी, पलंग, सिंगारदानी, कुर्सी-टेबल सेट, प्रेस, पंखा, मिक्सी, गैस-चूल्हा, रजाई-कम्बल-गद्दा-चादर सेट, दुल्हा-दुल्हन के लिये कपडे, जूता-चप्पल, बर्तन, सूटकेश, 51 बर्तन सहित गृहस्थी का सभी सामान दिया जायेगा।
महिला संगीत
महिला संगीत भारतीय शादियों का एक अभिन्न हिस्सा है, जो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मिश्रण है। इस कार्यक्रम में कन्यापक्ष के परिवार जन अपनी बेटियों के साथ मौजूद रहे। महापौर डाॅ. श्रीमती शोभा सतीश सिकरवार ने सैकड़ों बहनों के साथ महिला संगीत में खूब नृत्य किया। महिला संगीत कार्यक्रम में सभी के लिये भोजन के साथ-साथ उपहार दिये गये। इस कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा नृत्य, गीत-संगीत पेश किये गये। ‘ये गलियाँ ये चैबारा यहाँ आना न दोबारा, अब हम तो भए परदेसी के तेरा यहाँ कोई नहीं, ले जा रँग-बिरंगी यादें हँसने रोने की बुनियादें’। इस गीत पर सभी कन्याओं ने जमकर नृत्य किया। बेटियों के नृत्य को देखते हुये उनके परिवारजन बेहद खुश थे और इस अनूठें कार्यक्रम की खूब सराहना कर रहे थे। कन्याओं की मां अपनी बेटियों के इस शानदार आयोजन से न केवल प्रसन्न थी, बल्कि उनकी आंखाें से खुशी के आंसू छलक पड़े। पारिवारिक माहौल में ढोलक की थाप पर महिलायें यहां अपने पारंपरिक विवाह गीत गा रहीं थीं। वहीं डीजे की धुन पर बज रहे विवाह गीतों पर भी कन्याओं ने खूब नृत्य किया।
इस मौके पर महापौर डाॅ. शोभा सतीश सिकरवार ने कहा कि हमारा भारत देश विविध रीति, रिवाज, संस्कार, परंपरा को संजोकर रखता है। किसी भी उत्सव के रंग भरे पल हर रिश्ते की डोर को बांधे रखता है और अगर बात रस्म अदा करने की हो तो उसमें भी हम चार चांद लगा देते हैं। हमारे इन्हीं रीति रिवाज परंपरा को ध्यान में रखते हुए महिला संगीत की शाम में आज हम सब सम्मिलित हुए हैं। मैं सभी बेटियों एवं परिजनों को विवाह की शुभकामनाएं देती हूँ।
