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वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान मेला देशभक्ति से हुआ सराबोर

महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के सहयोगी रूद्रनारायण के प्रपौत्र गौरव नारायण “क्रांतिवीर परिजन सम्मान” से सम्मानित

मातृ शक्ति की राष्ट्रीय प्रमुख सुश्री मीनाक्षी ताई विशवे वीरांगना सम्मान से विभूषित

भिण्ड जिले के शहीद सतेन्द्र सिंह राजावत के परिजन का भी हुआ सम्मान

जिनकी शहादत से हमें आजादी मिली उनका सम्मान हम सबका दायित्व – मंत्री श्री विजयवर्गीय

ग्वालियर 18 जून 2024/ वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान मेला आयोजन समिति द्वारा इस वर्ष आयोजित हुए 25वे बलिदान मेले में महान क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद के सहयोगी क्रांतिकारी श्री रूद्रनारायण के प्रपौत्र श्री गौरव नारायण को सम्मानित किया गया। साथ ही मातृ शक्ति की राष्ट्रीय प्रमुख सुश्री मीनाक्षी ताई विशवे को वीरांगना सम्मान प्रदान किया गया। देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय देकर अपने प्राणों की आहुति देने वाले चंबल के शहीद सतेन्द्र सिंह राजावत के परिजन को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया। प्रदेश के नगरीय विकास व आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री कैलाश विजयवर्गीय, महामण्डलेश्वर संत उत्तम स्वामी जी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, बलिदान मेले के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया एवं अन्य अतिथियों ने इन सभी को सम्मान प्रदान किए।
कार्यक्रम में महारानी लक्ष्मीबाई पर केन्द्रित महानाट्य के मंचन से बड़ी संख्या में मौजूद शहरवासियों के दिलों में देशभक्ति हिलोरे लेने लगीं। ज्ञात हो पिछले 25 सालों से पूर्व मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया के प्रयासों से वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि के सामने वाले मैदान पर बलिदान मेले का आयोजन हो रहा है।


नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिन महान विभूतियों ने देश व अपनी संस्कृति के बारे में सोचा और देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। जिनके बलिदान से हमें आजादी मिली और हम सब खुली हवा में साँस ले रहे हैं। ऐसी ही महान बलिदानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के सम्मान में ग्वालियर में बलिदान मेला का आयोजन सराहनीय और अनुकरणीय पहल है। उन्होंने इसके लिये बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष और पूर्व मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया की सराहना की और उनके प्रति धन्यवाद जताया। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर हम वर्तमान को संभालते हुए भविष्य में श्रेष्ठ भारत का निर्माण कर सकते हैं।
बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि बलिदान मेला देशभक्ति जगाने और देशभक्ति के बीज बोने का अनुष्ठान एवं महायज्ञ है। आज से 166 साल पहले ग्वालियर की इसी पावन धरा पर वीरांगना लक्ष्मीबाई ने भारत माता के श्रीचरणों में अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा सन् 2000 से यह आयोजन प्रारंभ किया गया है। इस आयोजन के माध्यम से उन सब शहीदों को जिन्होंने अपने प्राणों की आहूति इस राष्ट्र की रक्षा और निर्माण के लिये दे दी है, उनके प्रति हम सब कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं। श्री पवैया ने बलिदान मेला आयोजन में ग्वालियर शहरवासियों की सक्रिय भागीदारी पर भी हर्ष और आभार व्यक्त किया। श्री पवैया ने कहा कि वीरांगना लक्ष्मीबाई ने सरल रास्ता न चुनकर स्वाभिमान व देशभक्ति का रास्ता चुना।
बलिदान मेले में लाल टिपारा गौशाला के संतजन, पूर्व सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर एवं पूर्व विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण इस आयोजन के साक्षी बने। मंगलवार 18 जून की सांध्य बेला में आयोजित हुए बलिदान मेले से पहले हुई भारी बारिश के बाबजूद बड़ी संख्या में शहरवासी इस आयोजन में शामिल हुए।

वीरांगना लक्ष्मीबाई पर केन्द्रित महानाट्य एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी हुआ

इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में जीवित घोड़े, ऊंटों के साथ शहर के वंदे मातरम् ग्रुप द्वारा वीरांगना लक्ष्मीबाई पर केन्द्रित महानाट्य की प्रस्तुति दी गई। जिसे दर्शकों द्वारा बेहद सराहा गया। इस महानाट्य में लगभग 250 कलाकारों ने भाग लिया। कलाकारों की भावों से भरी प्रस्तुति ने बलिदान मेले में बड़ी संख्या में मौजूद शहरवासियों के दिलों में देशभक्ति का जज्बा हिलोरे लेने लगा। साथ ही बहुत से लोगों की आँखे नम हो गईं। कार्यक्रम के अंत में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कविताओं से प्रांगण गूँज उठा।