🌐 विश्व और भारत: आज के प्रमुख वैश्विक घटनाक्रम
नई दिल्ली 13 नवंबर 2025। आज विश्व और भारत, दोनों ही मोर्चों पर निर्णायक घटनाओं के दौर से गुजर रहे हैं — जहाँ एक ओर ब्राज़ील में जलवायु न्याय की पुकार गूंज रही है, वहीं भारत में रक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक से जुड़े महत्त्वपूर्ण फैसले सुर्खियों में हैं।
COP30 में वैश्विक दबाव – फॉसिल फ्यूल ट्रिटी की गूंज
ब्राज़ील के बेलेम शहर में जारी संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (COP30) में आज ‘फॉसिल फ्यूल ट्रिटी’ को लेकर 17 देशों ने समर्थन जताया। यह समझौता तेल, गैस और कोयले के उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की दिशा में एक वैश्विक प्रतिबद्धता मानी जा रही है।
अमेरिका और यूरोप के कई पर्यावरण संगठन इसे “जलवायु परिवर्तन के खिलाफ ऐतिहासिक मोड़” बता रहे हैं, जबकि चीन और भारत ने कहा है कि विकासशील देशों को ‘न्यायसंगत संक्रमण (Just Transition)’ का पूरा अवसर दिया जाए।
> 🌿 “यदि हम संसाधनों का दोहन ऐसे ही जारी रखेंगे, तो हम स्वयं को समाप्त कर लेंगे” — COP30 में एक पर्यावरण कार्यकर्ता का तीखा बयान।
🇺🇦 यूक्रेन में बड़ा राजनीतिक संकट – ऊर्जा मंत्री का इस्तीफा
यूक्रेन में भ्रष्टाचार जांच के बाद ऊर्जा मंत्री Svitlana Hrynchuk ने इस्तीफा दे दिया है। यह मामला करीब 100 मिलियन डॉलर की अनियमितता से जुड़ा बताया जा रहा है।
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं। यूरोपीय संघ ने कहा है कि “सहयोग तभी जारी रहेगा जब पारदर्शिता बनी रहे।” विश्लेषकों का मानना है कि युद्धग्रस्त यूक्रेन में यह घटना प्रशासनिक स्थिरता के लिए गंभीर झटका है।
💊 WHO की चेतावनी – टीबी से 12 लाख मौतें, भारत पर भी असर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नवीन रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में वैश्विक स्तर पर 12.3 लाख लोगों की मौत टीबी से हुई। भारत, इंडोनेशिया और नाइजीरिया सबसे अधिक प्रभावित देशों में हैं।
भारत सरकार ने इस वर्ष ‘टीबी मुक्त भारत मिशन 2025’ को गति देने की घोषणा की है, जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी शामिल किया गया है।
> 📊 विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्वास्थ्य निधियों में गिरावट और कोविड के बाद कमजोर हुई चिकित्सा प्रणाली इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण है।
🇮🇳 भारत में रक्षा सौदा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति
नई दिल्ली में आज भारत और फ्रांस के बीच राफेल-M नौसैनिक संस्करण की डिलीवरी समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर हुए।
साथ ही, ग्वालियर और बेंगलुरु में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विशेष कोर्स शुरू होने की घोषणा हुई — जो भारत की डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
⚖️ सर्वोच्च न्यायालय का बड़ा फैसला – चुनावी फंडिंग पर पारदर्शिता
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम से जुड़ी पुनर्विचार याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब माँगा है।
न्यायालय ने कहा कि “राजनीतिक दलों की फंडिंग में पारदर्शिता लोकतंत्र की आत्मा है।”
राजनीतिक हलकों में इसे 2026 के चुनावी परिदृश्य से जुड़ा अहम संकेत माना जा रहा है।
आज की तारीख ने एक बार फिर यह साबित किया है कि > “दुनिया की नीतियाँ अब एक-दूसरे से जुड़ी हैं — जलवायु से लेकर भ्रष्टाचार, रक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक — हर मोर्चे पर साझी जवाबदेही की जरूरत है।”
भारत इस समय उस मोड़ पर खड़ा है जहाँ वह वैश्विक नेतृत्व और घरेलू सुधार, दोनों भूमिकाओं में निर्णायक बन सकता है।

