मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित
भोपाल, 11 जनवरी 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर राज्य सरकार की किसान-केंद्रित योजनाओं, आगामी कार्ययोजनाओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े दीर्घकालिक लक्ष्यों की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत राज्य के 16 से अधिक विभाग आपसी समन्वय से किसानों के लिए योजनाएं और गतिविधियां संचालित करेंगे।
कृषि और सिंचाई पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी), केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना एवं ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में लगभग 16 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। राज्य में सिंचित रकबा वर्ष 2028-29 तक बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में 30 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही माइक्रो इरीगेशन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।
भावांतर, अनुसंधान और कृषि उद्योग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोयाबीन के बाद सरसों को भी भावांतर भुगतान योजना में शामिल किया जाएगा। डिंडोरी में राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना, ग्वालियर में सरसों और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जाने की घोषणा की गई।
बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण और सभी कृषि मंडियों के आधुनिकीकरण की योजना भी बताई गई।
किसानों के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण योजना जारी रहेगी। फसल नुकसान का सर्वे अब आधुनिक तकनीक से कराया जाएगा, जिससे मुआवजे का भुगतान समय पर हो सके। कृषि आधारित उद्योगों, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, फूड पार्क और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का वक्तव्य
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और आने वाले समय में मध्यप्रदेश को कृषि मॉडल राज्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
वर्षभर चलेंगी गतिविधियां
कृषक कल्याण वर्ष के तहत फरवरी में कोदो-कुटकी बोनस वितरण, मार्च में प्राकृतिक खेती संगोष्ठी, अगस्त-सितंबर में एफपीओ कन्वेंशन, अक्टूबर-नवंबर में फूड फेस्टिवल सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदर्शनी और लाभ वितरण
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कृषि विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उन्नत कृषि यंत्रों, गौवंश और कृषि नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए गए।

सम्मेलन में राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा भोपाल और नर्मदापुरम संभाग से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
