एक कुर्सी, कई प्रभार और खुला भ्रष्टाचार—यही है प्रदेश का प्रशासनिक सच
प्रभार की आड़ में लूट का तंत्र: योग्य बाहर, सेटिंगधारी भीतर.. बृजराज सिंह, 14 जनवरी 2026। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में प्रभार और अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था आज सुशासन नहीं, बल्कि कुप्रशासन और भ्रष्टाचार की नर्सरी बन चुकी है। आरोग्य, सुपात्र और योग्य अधिकारियों को उनके कौशल के अनुरूप जिम्मेदारी न मिल पाने से जहां…
